Shorthand Hindi Dictation 80 WPM(400Word) For SSC

This is Shorthand Hindi Dictation 80 WPM For SSC/UPSSSC Stenographer #1. This dictation contain 400 words and the audio is 80WPM Hindi Steno Dictation. You Must Practice this passage 5 Times for Best Result to Increase your Hindi Shorthand Speed.

 

Shorthand Hindi Dictation 80 WPM(400Word) #1 For SSC

Shorthand Dictation Hindi 80wpm यहां पर इस पोस्ट में आप लोगों को हिन्दी में 80WPM का Dictation मिलेगा। जिसको आप कम से कम 7 से 10 बार अभ्यास करे जिससे आप इस Hindi Dictation में पारंगत हो जाये। इसी प्रकार आप अन्य Dictation का भी अच्छी तरह अभ्यास करें। यह राम धारी के खण्ड 1 का प्रतिलेखन 1 है।

Transcript Matter Of Shorthand Hindi Dictation

सभापति महोदय, मैं रक्षा मंत्रालय की माँगों का समर्थन करने के लिए खड़ा हुआ हूँ। वर्तमान घटनाओं से पता चलता है कि संसार का हर देश अपनी सुरक्षा के बारे में चिंतित है और उसके लिए हर प्रयत्न कर रहा है। इस दृष्टि से अन्य देशों की तरह हमारे देश में भी रक्षा मंत्रालय का महत्व है। मुझे इस बात की खुशी है कि जहाँ अन्य मंत्रालयों की उनके पिछले साल के कामों के बारे मे काफी आलोचना हुई है, वहाँ इस मंत्रालय की कम आलोचना हुई है। इससे पता चलता है कि इस मंत्रालय ने पिछले साल अच्छा काम किया है। मौटे तौर से पड़ोसी देशों, के साथ मित्रता के संबंध स्थापित हों और हम एक दूसरे के मामलों में हस्तक्षेप न करें, लेकिन उसके साथ यह भी जरूरी होता है कि हम अपने देश की सीमाओं और अखंडता की रहा करें। इसलिए हमारे देश का यह कर्तव्य हो जाता है कि हम अपने पड़ोसियों के कार्यों का पूरी नजर रखें, क्योंकि आज तक हमारे देश पर जो संकट आए, वे हमारे पड़ोसियों से आए है। 1965 में पाकिस्तान के साख जो लड़ाई हुई और उसके बाद ताशकंद में जो समझौता हुआ, वह सिर्फ कागज़ पर ही रहा, पाकिस्तान ने उस पर कोई अमल नहीं किया। इस दृष्टि से बहुत जरूरी है कि हम अपने देश की सुरक्षा की हर तरह से व्यवस्था करें। हमारा उद्देश्य दूसरों पर आक्रमण करना नहीं है, लेकिन यदि हम पर कोई आक्रमण करे, तो हम में इतनी शक्ति अवश्य होनी चाहिए कि हम उस का डटकर सामना कर सकें।

आप जानते हैं कि पिछले दिनों पाकिस्तान को अमरीका और चीन से काफी मदद मिली है। रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में भी कहा गया है कि पिछले साल अमरीका ने पाकिस्तान को 15 सौ करोड़ रूपए की फौजी सहायता दी है। आज जहाँ हम फौजी सामान के लिए अपने कारखानों की मदद से अपनी शक्ति बढ़ाने का प्रयत्न कर रहे है, वहाँ पाकिस्तान संसार के देशों से फौजी सामान खरीद रहा है। अपनी नीति के कारण वह सब देशों से लाभ उठा रहा है। मेरा सुक्षाव है कि हम को भी अपनी शक्ति बढ़ाने के लिए संसार के अन्य देशों से अधिक से अधिक फौजी सामान खरीदना चाहिए। आज तिब्बत की सीमा पर चीन की डेढ़ लाख फौज खड़ी है।

धन्यवाद।

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